मैनपुरी, जून 6 -- नगर पंचायत में भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितता का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ एक पंजीकृत जीएसटी फर्म के नाम पर बिना कोई निर्माण कार्य कराए और बिना फर्म मालिक की जानकारी के Rs.3,61,807 का फर्जी भुगतान करा लिया गया। हैरान करने वाली बात यह है कि यह राशि फर्म के अधिकृत खाते में न जाकर किसी अन्य अज्ञात खाते में ट्रांसफर की गई है। यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब पीड़ित फर्म आकाश कॉन्ट्रैक्टर एंड सप्लायर्स के मालिक आकाश चौहान को विभाग द्वारा 16 प्रतिशत जीएसटी जमा करने का नोटिस थमा दिया गया। टैक्स का नोटिस मिलने के बाद जब पीड़ित ने मामले की छानबीन की, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। पीड़ित को पता चला कि नगर पंचायत में उनकी फर्म के फर्जी बिल और दस्तावेज लगाकर इस बड़ी रकम का बंदरबांट कर लिया गया है। पीड़ित का कहना है...