मधुबनी, अगस्त 11 -- घोघरडीहा। प्रखंड क्षेत्र के खेतों में पसीना बहा रहे किसानों की उम्मीदों पर इस बार मिट्टी की बिगड़ती सेहत पानी फेर रही है। मिट्टी जांच केन्द्र की अनुपलब्धता के कारण क्षेत्र के हजारों किसान आधुनिक खेती की दौड़ में पिछड़ रहे हैं। वर्तमान में स्थिति यह है कि किसान जिस अनुपात में अपनी गाढ़ी कमाई और कर्डी मेहनत खेती में लगा रहे हैं, जिसके अनुरूप उन्हें पैदावार प्राप्त नहीं हो पा रही है। यह भी पढ़ें- मिट्टी में आर्गेनिक कार्बन की कमी से घट रही घट रही नाइट्रोजन की उपलब्धताकिसानों की समस्याएँ प्रखंड स्तर पर लैब न होने से किसानों को मिट्टी का स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध नहीं हो पा रहा। जिसके कारण फसल चक्र और उर्वरकों का गणित पूरी तरह बिगड़ गया है। प्रखंड के किसानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वे बिना यह जानते खेतों में खाद का ...