मधेपुरा, जुलाई 7 -- घैलाढ़, संवाद सूत्र। प्रकृति की मार झेल रहे किसानों को सिंचाई विभाग की लापरवाही व उदासीनता से दोहरी मुसीबत झेलनी पड़ रही है। प्रखंड क्षेत्र से होकर गुजरने वाली सिंचाई का एक मात्र साधन मोहनपुर उपवितरणी से चिंसई की समस्या दूर नहीं हो पा रही है। इस नहर में पानी की जगह घास फूस, जलकुंभी और झाड़ी उग आए हैं। धान रोपनी का समय गुजरता जा रहा है, लेकिन अब तक नहर में एक बूंद पानी नहीं आया है। रोहणी नक्षत्र से ही किसान पानी आने की टकटकी लगाए बैठे हैं। मालूम हो कि मोहनपुर उपवितरणी से प्रखंड क्षेत्र के चित्ती, श्रीनगर, भतरंधा परमानपुर और बरदाहा पंचायत के तिलाबे नदी तक सिंचाई होती थी। लेकिन धीरे धीरे नहर का अस्तित्व समाप्त होने लगा है। पांच साल पूर्व तक प्रखंड के चार पंचायतों के दर्जनों गांव के सैकड़ किसान नहर के किनारे और आस पास की खेतों...