गंगापार, जून 26 -- घूरपुर में मोहर्रम की दसवीं पर गम का माहौल रहा। हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए क्षेत्र में या अली या हुसैन की सदाएं गूंजती रहीं। हजारों अकीदतमंदों ने इमामबाड़ों से करबला तक नंगे पैर पैदल चलकर ताजिये, अलम, ताबूत, झूला और जुलजनाह पर चढ़े फूलों को सुपुर्द-ए-खाक किया। करबला में ताजियों के फूल दफन कर ताजियादारों और हुसैनियों ने अश्रुपूरित नेत्रों से शहादत को सलाम किया। रास्ते भर गम का समुंदर उमड़ा रहा। जियारतमंदों ने करबला पहुंचकर सिन्नी शरबत बांटी। इस दौरान यही पैगाम दिया गया कि हजरत इमाम हुसैन ने धर्म की राह में कुर्बानी की जो राह दिखाई, उसका सभी को पालन करना है। यह भी पढ़ें- हजरत इमाम हुसैन की याद में करमा में निकला ताजिया जुलूस मोहर्रम के मौके पर हिंदू-मुसलमान समुदाय ने मिलकर लंगर वितरण में सहयोग किया। दोनों सम...