औरंगाबाद, अप्रैल 21 -- मदनपुर प्रखंड मुख्यालय स्थित इस्लामपुर उर्दू प्राथमिक विद्यालय के समीप 20 से अधिक महिला, पुरुष, बच्चे व बुजुर्ग खानाबदोश घुमंतू परिवार प्लास्टिक व कनात लगाकर जीवन गुजारने को विवश हैं। इन लोगों ने बताया कि उनके पास न घर है, न स्थायी ठिकाना, जहां जगह मिलती है वहीं परिवार के साथ अस्थायी डेरा डाल लेते हैं। पूछने पर उन्होंने अपना स्थायी पता उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के सुमैरगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत राजेपुर बताया। इनमें मो. तउआज की पत्नी जहीरुल निशा, मो. तउआज, सद्दाम, प्रवीन, अनवर मोहम्मद, अब्बास, सलमा खातून सहित कई बच्चे शामिल हैं। उनका कहना है कि पैतृक गांव में मात्र एक कमरे का घर है, जहां 20-30 लोग अत्यंत दयनीय स्थिति में रहते थे। न पर्याप्त भोजन है, न पीने का पानी, न ही जीविकोपार्जन का कोई स्थायी साधन। वे जड़ी-बूट...
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