नई दिल्ली, फरवरी 20 -- भारत अपनी समुद्री सैन्य शक्ति और परमाणु प्रतिरोधक क्षमता को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए तैयार है। देश की तीसरी स्वदेशी परमाणु-सक्षम पनडुब्बी (SSBN), INS अरिधमन (S4) इस साल अप्रैल-मई तक नौसेना में शामिल होने की संभावना है।भारत की 'सेकंड स्ट्राइक' क्षमता में बड़ा इजाफा भारतीय नौसेना के प्रमुख एडमिरल डी.के. त्रिपाठी ने पिछले दिसंबर में संकेत दिया था कि INS अरिधमन को 2026 में कमीशन किया जाएगा। वर्तमान में यह पनडुब्बी अपने समुद्री परीक्षणों के अंतिम चरण में है। INS अरिधमन के शामिल होने के साथ ही भारत के पास पहली बार तीन परिचालन परमाणु पनडुब्बियां होंगी। यह भारत को 'कंटीन्यूअस एट-सी डिटरेंस' की रणनीति हासिल करने के करीब ले जाएगा, जिसका अर्थ है कि साल के 365 दिन भारत की कम से कम एक परमाणु पनडुब्बी समुद्र में गश्त पर तैना...