रांची, सितम्बर 7 -- रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने कहा है कि रात में किसी महिला के घर में घुसकर उसके कपड़े उठाना और उसे पकड़ लेना अपने-आप में दुष्कर्म के प्रयास का अपराध नहीं है। दुष्कर्म के प्रयास के लिए आरोपी की ओर से ऐसा स्पष्ट कृत्य होना चाहिए, जो दुष्कर्म करने की दिशा में पर्याप्त रूप से आगे बढ़ चुका हो। अदालत ने आरोपी के दुष्कर्म करने के प्रयास (धारा 376/511) के तहत दोषसिद्धि को बदलकर महिला की लज्जा भंग करने (धारा 354) में कर दिया। वहीं, घर में घुसने के मामले में (धारा 452 ) के तहत दोषसिद्धि बरकरार रखी। जस्टिस प्रदीप श्रीवास्तव की एकल पीठ ने यह फैसला आरोपी की ओर से दाखिल आपराधिक अपील पर सुनाया। आरोपी को घाटशिला के अपर सत्र न्यायाधीश ने वर्ष 28 जुलाई में धारा 376/511 के तहत चार वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी। मामला...