नई दिल्ली, सितम्बर 25 -- मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने डॉक्टरों के एक जोड़े से जुड़े वैवाहिक विवाद का निपटारा करते हुए कहा कि अगर 'हाउसवाइफ' (घर संभालने वाली पत्नी) हो सकती है, तो 'हाउस हसबैंड' (घर संभालने वाला पति) भी हो सकता है। कोर्ट ने कहा कि घर की जिम्मेदारियों को आपस में बांटने से शादी और परिवार का ढांचा मजबूत हो सकता है। न्यायमूर्ति जी.आर. स्वामीनाथन और एम.डी. सुमति की पीठ ने इन अपीलों पर सुनवाई की। पीठ ने परिवार के भीतर जिम्मेदारियों को बांटने पर टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि हमारी संस्कृति में परिवार एक बुनियादी इकाई है। कमाई करने की जिम्मेदारी और घर संभालने की जिम्मेदारी, दोनों को बराबर सम्मान मिलना चाहिए। पीठ ने गौर किया कि महिलाएं कभी-कभी शादी को अपने कॅरियर के अवसरों में बाधा मान सकती हैं और देखा कि अविवाहित महिलाओं की संख्या...