मुरादाबाद, जून 1 -- पुरुषोत्तम मास में कोठीवाल नगर स्थित गीता ज्ञान मंदिर में श्री भक्तमाल कथा में वृंदावन से आए कथा व्यास कविचंद्र दास ने भक्तमाल कथा की महिमा बताई। उन्होंने बताया कि भक्तमाल की पोथी घर में रखने से सारे अमंगलों का नाश हो जाता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने माता शबरी का चरित्र विस्तार से सुनाया। उन्होंने कथा के आरंभ में उनके पूर्व जन्म की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि पूर्व जन्म में वह रूपवती रानी थीं। 16 वर्ष की आयु में शबरी ने घर का त्याग कर दिया। वह छुप-छुप कर संतों की सेवा करतीं थीं। फिर मतंग ऋषि ने उनको दीक्षा देकर आश्रम में रख लिया। परम धाम जाते समय उन्होंने शबरी को आश्वासन दिया कि उनकी कुटिया में एक दिन भगवान राम आएंगे। इसके लिए शबरी ने दस हजार वर्ष की लंबी प्रतीक्षा की। आखिर में उनकी कुटिया में भगव...