नई दिल्ली, अप्रैल 1 -- केरल हाई कोर्ट ने किराए पर घर देने वालों के लिए एक अहम फैसला दिया है। कोर्ट ने कहा है कि कोई भी मकान मालिक किराए पर दिए गए मकान में जबरन और बिना इजाजत के नहीं घुस सकता है। कोर्ट ने लोअर कोर्ट के आदेश को बरकरार रखते हुए मकान मालिक को दोषी ठहराया है। मकान मालिक पर एक साल की सजा और 15 हजार रुपये जुर्माना लगाया। जस्टिस जोबिन सेबेस्टियन की बेंच ने यह आदेश दिया। लाइव लॉ के अनुसार, जस्टिस सेबेस्टियन ने कहा, ''यहां तक कि असली मालिक भी अपने मालिकाना हक की आड़ में, किसी दूसरे व्यक्ति के वैध कब्जे वाली जगह में, कोई अपराध करने के इरादे से, गैर-कानूनी तरीके से प्रवेश नहीं कर सकता। मौजूदा मामले में, सिर्फ इस बात से कि आरोपी उस कमरे का मालिक है, वह अपनी आपराधिक जिम्मेदारी से अपने-आप बरी नहीं हो जाता। खासकर तब, जब ऐसा प्रवेश किसी ग...
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