घर में कोई होता तो बच सकती थी पूजा की जान
शाहजहांपुर, जुलाई 17 -- खुटार। घटना के समय 15 वर्षीय पूजा घर में अकेली थी। पिता हरिराम जाटव मजदूरी करने गए थे, जबकि मां राजेश्वरी पुत्री नैन्सी के साथ पीलीभीत के जोगराजपुर गांव में नामकरण संस्कार में शामिल होने गई थीं। भाई भी घर पर नहीं थे। ऐसे में करंट लगने के बाद पूजा को तत्काल मदद नहीं मिल सकी। यदि उस समय घर में कोई मौजूद होता और समय रहते बिजली का संपर्क काटकर उसे अस्पताल पहुंचाया जाता, तो उसकी जान बचने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
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