भागलपुर, मई 10 -- कहलगांव, निज प्रतिनिधि हर हिंदू सनातनी के घर में रामायण, गीता, भागवत, हनुमान चालीसा आदि धार्मिक ग्रंथों में से कम से कम एक पुस्तक अवश्य होनी चाहिए। लोगों को समय निकालकर इनका अध्ययन करना चाहिए। इन ग्रंथों के नियमित पाठ से ज्ञान की प्राप्ति होती है और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलता है। यह भी पढ़ें- सत्संग से जागृत होता है विवेक, प्रभु कृपा मिलने से जीवन हो जाता है धन्य : अनुराधा सहचरीश्रीराम कथा का महत्व उक्त बातें सनोखर शिव मंदिर परिसर में आयोजित श्री महारुद्र यज्ञ के दौरान चल रही श्रीराम कथा में कथा वाचिका अनुराधा सहचरी ने कही। उन्होंने कहा कि महर्षि विश्वामित्र बक्सर स्थित अपने आश्रम में जब भी यज्ञ और पूजा-अनुष्ठान करते थे, तब मारीच और सुबाहु जैसे राक्षस आकर यज्ञ में विघ्न डालते थे। ध्यान के माध्यम से उन्हें...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.