नई दिल्ली, नवम्बर 13 -- सनातन धर्म में यज्ञ का विशेष महत्व होता है। यज्ञ एक विशेष धार्मिक प्रक्रिया है जिसके जरिए मनुष्य न सिर्फ भौतिक सुख बल्कि आध्यात्मिक संपदा भी प्राप्त कर सकता है। यज्ञ का मतलब है शुभ कर्म, श्रेष्ठ कर्म, सतकर्म और वेदसम्मत कर्म। यज्ञों के माध्यम से अनेक ऋद्धियां-सिद्धियां प्राप्त की जा सकती हैं। सीताराम महायज्ञ इन्हीं अनुष्ठानों में से एक है। मान्यतानुसार, सीताराम महायज्ञ को केवल एक बार करने से पुण्यफल 10 हजार सामान्य अनुष्ठानों के बराबर प्राप्त होता है। यह यज्ञ भगवान राम और माता सीता के नाम और स्वरूप की सामूहिक आराधना है जो घर में सुख-शांति, समृद्धि और सभी प्रकार के कष्टों से मुक्ति प्रदान करता है। चलिए जानते हैं इस महायज्ञ करने का सही तरीका और इससे क्या लाभ मिलता है? महत्वसीताराम महायज्ञ को काफी शक्तिशाली माना जाता ...