घर पर बच्चे इंतजार कर रहे हैं, प्लीज मुझे जाने दो; गैंगरेप पीड़िता ने उस मनहूस रात की आपबीती सुनाई
नई दिल्ली, मई 15 -- दिल्ली के पीतमपुरा की 30 साल की महिला अपनी तीन छोटी बेटियों के पास घर पहुंचने के लिए बेताब थी। लेकिन, सरस्वती विहार बस स्टॉप पर एक सवाल ने उसकी उस रात को मनहूस रात में बदल दिया। महिला ने पुलिस को बताया कि वह उस दिन पहले सुल्तानपुरी में अपने भाई के घर गई थी, ताकि घर बदलने में उसकी मदद कर सके। देर रात घर लौटते समय उसे आउटर रिंग रोड पर सरस्वती विहार तक जाने के लिए एक ई-रिक्शा मिल गया। उसने कहा कि सरस्वती विहार में मैं बस स्टॉप पर खड़ी थी। उसी समय एक प्राइवेट बस आकर रुकी। मैंने अंदर खड़े एक आदमी से पूछा कि टाइम क्या हुआ है। उसने मुझसे बस के अंदर आकर बात करने को कहा। इसलिए, मैं बस में चढ़ गई। पुलिस के अनुसार, उसके बस के अंदर कदम रखते ही ड्राइवर ने बस चला दी। आरोप है कि उस आदमी ने उसे बस के पिछले हिस्से की ओर धकेल दिया और चल...
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