कन्नौज, अप्रैल 27 -- गांव-गांव तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने वाली आशा बहुएं अब खुद अपने हक के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। वर्ष 2024 से लंबित भुगतान और रुके हुए मानदेय को लेकर सोमवार को बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचीं और जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द समाधान की मांग उठाई। प्रदर्शन कर रहीं आशा बहुओं का कहना है कि वे सरकार की प्रमुख स्वास्थ्य योजनाओं टीबी उन्मूलन, जननी सुरक्षा योजना, आयुष्मान कार्ड और आभा कार्ड आदि को घर-घर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रही हैं। बावजूद इसके, उन्हें मिलने वाली प्रोत्साहन राशि पिछले एक साल से अधिक समय से अटकी हुई है। आरोप लगाया कि मार्च 2026 से उनका मासिक मानदेय भी पूरी तरह बंद है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति गंभीर हो गई है। उनका कहना है कि...
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