आगरा, अगस्त 31 -- पुरानी बस्ती स्थित पार्श्वनाथ दिगंबर जैन बड़े मंदिर में जैन धर्म के दसवें तीर्थंकर शीतलनाथ महामंडल विधान में जिन अभिषेक, शांति धारा, पूजन के पश्चात विधान में अर्घ्य सर्मपित किए। निर्मल सागर वर्षा योग समिति के 24 दिवसीय 24 तीर्थंकर महामंडल विधान में सोमवार को शीतलनाथ महामंडल विधान का आयोजन किया। विधान के दौरान आचार्य नयन सागर महाराज ने श्रावकों को बताया कि भाद्रपद कृष्णा एकम से भाद्रपद पूर्णिमा तक जैन धर्म के अकृत्रिम सोलह कारण पर्व शुरू हो गए हैं। पूरा भादों का महीना धर्म वृद्धि एवं पुण्य को बढ़ाने वाला है। अंतिम दस दिन भाद्रपद शुक्ला पंचमी से अनंत चर्तुदशी तक दस लक्षण धर्म के तहत जैन श्रावक संयम के साथ उपवास करके अंतरंग एवं आत्मशुद्धि के साथ व्यतीत करते हैं। उन्होंने बताया कि जैनाचार्य रविषेण चित जैन रामायण पद्म पुराण म...