नई दिल्ली, अगस्त 4 -- नई दिल्ली। घर खरीदारों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि किसी रियल एस्टेट कंपनी के दिवालिया होने पर दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता यानी आईबीसी के तहत मिलने वाली छूट या मोराटोरियम (धारा 14) केवल कंपनी पर लागू होगी, उसके मालिकों, प्रवर्तकों, निदेशकों, व्यक्तिगत गारंटर या अन्य संबंधित व्यक्तियों को इसका संरक्षण नहीं मिलेगा। इसका मतलब है कि घर खरीदार अब दिवालिया कंपनी के प्रमोटर और निदेशकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रख सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा था मामला

मामले की सुनवाई बंगलुरू के मंत्री मान्यता एनर्जिया प्रोजेक्ट में घर खरीदने वालों ने वर्ष 2023 में कंपनी के डेवलपर, उसके प्रमोटर, निदेशकों और अन्यों के खिलाफ राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद समाधान आयोग के पास गुहार लगाई थी। उनक...