विकासनगर, जुलाई 15 -- न्यायिक मजिस्ट्रेट विकासनगर जतिन मित्तल की अदालत ने घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005 के तहत वर्ष 2020 से लंबित एक वाद में निर्णय सुनाते हुए पीड़िता की याचिका आंशिक रूप से स्वीकार कर ली। अदालत ने पति और उसकी मां को भविष्य में किसी भी प्रकार की घरेलू हिंसा न करने का निर्देश देते हुए पीड़िता को आवास, मुआवजा और स्त्रीधन लौटाने के आदेश दिए हैं। वादिनी ने न्यायालय में प्रस्तुत प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया था कि विवाह के बाद उससे अतिरिक्त दहेज के रूप में 10 लाख रुपये की मांग की गई। विरोध करने पर उसके साथ मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना की गई तथा 28 अगस्त 2019 को उसे वैवाहिक घर से निकाल दिया गया। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के साक्ष्यों और अभिलेखों का परीक्षण करने के बाद अदालत ने पाया कि पति रवि शेखर घिल्डियाल और...