घरेलू झगड़े का नतीजा है हिंसक स्वभाव, यह मानसिक बीमारी नहीं
गोरखपुर, जून 23 -- गोरखपुर, वरिष्ठ संवाददाता। बांसगांव में किशोर द्वारा तीन लोगों की हत्या का मामला मनोचिकित्सकों को हैरान कर रहा है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मनोचिकित्सक व सामाजशास्त्री कहते हैं कि यह मानसिक बीमारी नहीं, बल्कि घरेलू तनाव का परिणाम है। बीआरडी के मानसिक रोग विभाग के प्रोफेसर डॉ. आमिल हयात खान ने बताया कि लगातार हो रहे तकरार और घर में बने तनावपूर्ण माहौल ने किशोर के मन में क्रोध भर दिया। यह मानवीय प्रतिक्रिया है, मानसिक विकार नहीं। चिंता की बात यह है कि हिंसा अब सार्वजनिक क्षेत्र से हटकर घरेलू दायरों में घुस चुकी है। युवाओं में भावनात्मक नियंत्रण कमजोर होता जा रहा है। यह भी पढ़ें- 16 साल के लड़के ने अपने ही घर में खेली खून की होली, भाई-भाभी-भतीजे को काट डाला; आखिर क्यों?घरेलू तनाव दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के समा...
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