घमहापुर (गंगापुर) में इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स में 'मंटो की कहानी, मंटो की जुबानी' के तहत तीन कहानियों पर आधारित नाटकों का मंचन हुआ।
वाराणसी, मई 12 -- गंगापुर। घमहापुर (गंगापुर) में इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स में 'मंटो की कहानी, मंटो की जुबानी' के तहत तीन कहानियों पर आधारित नाटकों का मंचन हुआ। भारत विभाजन की विभीषिका दिखाई गई। 'काली सलवार' और 'ठंडा गोश्त' भी मंचित हुआ। कलाकारों का परिचय संस्थान के निदेशक डॉ. अनिल सिंह और डॉ. अवधेश सिंह ने कराया। नाटकों का निर्देशन हर्षित कुमार और सह निर्देशन हर्ष जायसवाल ने किया। प्रस्तुतकर्ता नवीन चंद्र रहे। नाटक में हर्ष जयसवाल, अनुराग कनौजिया, प्रवेश भार्गव, सूरज दुबे, तरुण पांडेय, आशीष भारद्वाज, अनिकेत मिश्रा, मोहित दुबे, किशन सिंह, अमनपाल, पूनम सैनी, सुहानी मौर्य और रियास का अभिनय प्रभावकारी रहा। यह भी पढ़ें- आज के समाज को मंटो जैसे रचनाकारों की जरूरत : वीसी नेपथ्य में सुमित ठाकुर और अमनपाल रहे। यह भी पढ़ें- त्रिवेणी कला संगम में ...
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