घनजीवामृत के प्रयोग से मिट्टी में बढ़ती है सूक्ष्म जीवाणुओं की संख्या : डॉ. तेज प्रताप
गोड्डा, मई 26 -- गोडडा प्रतिनिधि गोड्डा प्रखंड के गंगटा गोविंदपुर ग्राम में ग्रामीण विकास ट्रस्ट - कृषि विज्ञान केन्द्र, गोड्डा के सौजन्य से उर्वरकों के संतुलित उपयोग विषय पर प्रशिक्षण- सह - जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कृषि प्रसार वैज्ञानिक डॉ. रितेश दुबे ने बताया कि मिट्टी को उपजाऊ बनाने में जैव उर्वरक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये प्राकृतिक सूक्ष्मजीव होते हैं जो मिट्टी के स्वास्थ्य को सुधारने और फसलों को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करने के साथ-साथ मिट्टी की जल धारण क्षमता और जैविक गुणों को बढ़ाते हैं, जिससे लंबे समय तक भूमि की उर्वरा शक्ति बनी रहती है। राईजोबियम एवं एजोटोबैक्टर वायुमंडल में उपस्थित स्वतंत्र नाइट्रोजन को मिट्टी और पौधों के लिए उपयोगी रूपों में बदलते हैं। यह भी पढ़ें- प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ता उत्तर प्रदेश पीएस...
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