बांका, जुलाई 10 -- बांका, नगर प्रतिनिधि। बढ़ती आबादी, घटती कृषि योग्य भूमि और खेती की बढ़ती लागत के बीच वर्टिकल फार्मिंग किसानों के लिए आय बढ़ाने का एक प्रभावी विकल्प बनकर उभर रही है। कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), बांका द्वारा विकसित वर्टिकल फार्मिंग का मॉडल यह साबित कर रहा है कि, सीमित भूमि में भी आधुनिक तकनीक अपनाकर किसान एक साथ सब्जी उत्पादन, मत्स्य पालन अथवा मुर्गी पालन कर अपनी आमदनी को दोगुना कर सकते हैं। कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में तैयार की गई प्रदर्शन इकाई में बांस की मजबूत फ्रेमिंग के ऊपर लौकी, कद्दू, करेला, नेनुआ जैसी लत वाली सब्जियों की खेती की गई है। वहीं नीचे की खाली जगह का उपयोग कम लागत वाले मुर्गीपालन अथवा मत्स्य पालन के लिए किया गया है। इससे भूमि का अधिकतम उपयोग होने के साथ उत्पादन के कई स्रोत एक ही स्थान पर विकसित हो जात...