संभल, नवम्बर 17 -- बीते वर्ष 19 नवंबर को पहली बार जामा मस्जिद का सर्वे हुआ था लेकिन शाम के समय मस्जिद के बाहर भीड़ जुट गई थी और अंधेरा हो गया था। ऐसे में टीम सर्वे कार्य पूरा किए बगैर ही लौट गई थी। 24 नवंबर की सुबह को टीम भोर में ही सर्वे करने पहुंच गई थी। डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया व एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई भी टीम के साथ पहुंचे थे। टीम सर्वे कर रही थी, इसी दौरान बाहर जुटी भीड़ ने सर्वे में बाधा डालते हुए पथराव, फायरिंग और आगजनी की थी। जिसमें चार युवकों की मौत हुई थी, पुलिस व प्रशासनिक अफसरों समेत 29 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। कई घंटे तक भीड़ ने पुलिस पर पथराव व फायरिंग करते हुए वाहनों को फूंक दिया था। हिंसा मामले में सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क व शहर विधायक के बेटे सुहैल इकबाल समेत ढ़ाई हजार से अधिक लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.