घंटों के काम को मिनटों में करके जजों की मदद करेगा 'लेगरा'
नई दिल्ली, मार्च 21 -- प्रभात कुमार नई दिल्ली।कानूनी शोध और दस्तावेजों के विश्लेषण के लिए अब जजों को भारीभरकम अदालती फाइलों और पुराने फैसलों को पढ़ने में घंटों समय नहीं बिताना पड़ेगा। इस काम में जजों और न्यायिक अधिकारियों को लेगरा यानी लीगल रिसर्च एनालिसिस असिस्टेंट नामक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) टूल मदद करेगा। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय की एक रिपोर्ट के मुताबिक अदालतों को सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) से युक्त करना और न्यायिक उत्पादकता को गुणात्मक और मात्रात्मक, दोनों ही तरह से बढ़ाना है, ताकि न्याय वितरण प्रणाली को सुलभ, किफायती, भरोसेमंद और पारदर्शी बनाया जा सके।कानून मंत्रालय ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट, आईआईटी मद्रास के सहयोग से, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) उपकरणों के प्रोटोटाइप का परीक्षण किया ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.