नई दिल्ली, मार्च 11 -- नई दिल्ली, प्र.सं.। विश्व ग्लूकोमा सप्ताह के अवसर पर बुधवार को इंडिया हैबिटेट सेंटर में राष्ट्रीय मीडिया कॉन्क्लेव डिफीटग्लूकोमा का आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्लूकोमा के प्रति जागरुकता बढ़ाना और समय पर जांच की जरूरत पर जोर देना था। कॉन्क्लेव में नेत्र विशेषज्ञों ने बताया कि ग्लूकोमा को अक्सर दृष्टि का मूक चोर कहा जाता है, क्योंकि यह बिना किसी स्पष्ट लक्षण के धीरे-धीरे आंखों की रोशनी को नुकसान पहुंचाता है। एबवी इंडिया के प्रबंध निदेशक सुरेश पट्टाथिल ने कहा कि लोगों को नियमित नेत्र जांच के लिए प्रेरित करना जरूरी है, ताकि बीमारी का समय रहते पता लगाया जा सके और दृष्टि हानि से बचाव संभव हो सके। डॉ. सुनीता दुबे, डॉ. हर्ष कुमार और डॉ. रमनजीत सिहोता समेत कई नेत्र विशेषज्ञों ने चर्चा में भाग लिया।
हिंदी हिन्दुस्तान ...
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