ग्रेट निकोबार परियोजना का विरोध कितना जायज
नई दिल्ली, जुलाई 15 -- दिलीप मंडल,वरिष्ठ पत्रकार विकास या पर्यावरण? यह बहस नई नहीं है। यह बहस जितनी पुरानी है, उतनी ही भ्रामक भी है, क्योंकि वास्तविक प्रश्न विकास बनाम पर्यावरण का नहीं है। वास्तविक प्रश्न है कि क्या भारत अपने विकास के अधिकार व अवसरों का उपयोग करते हुए पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार रह सकता है? इसका उत्तर 'हां' है। यह केवल संभव ही नहीं, बल्कि सबसे श्रेयस्कर मार्ग भी है। विकसित भारत बनाना एक राष्ट्रीय स्वप्न है। करोड़ों भारतीयों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाकर देश को निम्न-आय वाले देशों की श्रेणी से निकालकर मध्यम आय वर्ग वाले देशों की श्रेणी में शामिल कराना एक पवित्र लक्ष्य है। इसके लिए बिजली, सड़कें, रेल, बंदरगाह, कारखाने, डाटा सेंटर, आधुनिक खेती, गोदाम और आधुनिक बुनियादी ढांचे का व्यापक विस्तार करना होगा। भारतीय दृष्टि यहां ...
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