धनबाद, अप्रैल 27 -- जिले के स्वास्थ्य विभाग में वर्षों तक सेवा देने वाले कर्मियों के लिए सेवानिवृत्ति के बाद का जीवन सुकूनभरा होना चाहिए था। लेकिन हकीकत बिल्कुल उलट है। कई सेवानिवृत्त स्वास्थ्यकर्मी अपने ही हक के पैसे और सुविधाओं के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। जिन हाथों ने दशकों तक मरीजों की सेवा की, वही आज फाइलों के ढेर के बीच अपनी ही ग्रेच्युटी और पेंशन के लिए भटक रहे हैं। सेवानिवृत्त कर्मियों का आरोप है कि विभाग के ही कुछ अधिकारी और कर्मचारी असहयोग का रवैया अपना रहे हैं। कभी कागजों में कमी बताई जाती है, तो कभी फाइल एक टेबल से दूसरी टेबल और एक विभाग से दूसरे विभाग में सरकती रहती है। यह भी पढ़ें- लंबित मेडिकल बिल भुगतान और सुविधाएं बहाल करने का उठा मुद्दा अलग-अलग कारणों का हवाला देकर सेवानिवृत्ति लाभ और ग्रेच्युटी की फाइलें ...
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