ग्रीष्मकालीन कला कार्यशाला शुरू, वरली लोक कला की बारीकियां समझी
मेरठ, मई 8 -- राज्य ललित कला अकादमी, उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग व चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ के ललित कला संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 20 दिवसीय ग्रीष्मकालीन कला कार्यशाला 2026-27 के अंतर्गत 45 प्रतिभागियों को वरली लोक कला का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यशाला की समन्वयक प्रोफेसर अलका तिवारी ने बताया कि कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से यह कार्यशाला निरंतर सफलतापूर्वक संचालित की जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्यशालाएं विद्यार्थियों एवं युवा कलाकारों को भारतीय लोक कलाओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। प्रशिक्षक डॉ. रीता सिंह ने प्रतिभागियों को वारली कला की उत्पत्ति, पारंपरिक स्वरूप, प्रतीकों व रेखांकन की तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी। डॉ. शालिनी धामा, डॉ. रीता सिंह, दीपांजली, कृतिका, खालिद...
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