कानपुर, मार्च 20 -- कानपुर, प्रमुख संवाददाता। ग्रीन हाइड्रोजन, 2जी इथेनॉल और हाइड्रोजन स्टोरेज जैसी तकनीकें भविष्य में ऊर्जा परिदृश्य को बदल देंगी। ये बातें एचबीटीयू के बायोकेमिकल इंजीनियरिंग विभाग और इनक्यूबेशन हब की ओर से भविष्य की ऊर्जा जरूरतों पर केंद्रित ग्रीनफ्यूल इनोवेट : सस्टेनेबल बायोएनर्जी नवाचार एवं स्टार्टअप्स कार्यशाला में वक्ताओं ने कहीं। शिक्षा मंत्रालय के संस्थान नवाचार परिषद की मदद से आयोजित कार्यशाला के मुख्य वक्ता अनूप सिंह (प्रेसिडेंट-स्पेशल प्रोजेक्ट्स, डीसीएम श्रीराम) और डॉ. एम संकरराव (डायरेक्टर, नैनोसोल एनर्जी) ने तकनीकी सत्रों में जानकारी दी। कार्यशाला में डॉ. सचिन कुमार, प्रो. जितेंद्र भास्कर, प्रो. पीकेएस यादव, प्रो. जीएल देवनानी, प्रो. ललित कुमार सिंह और विभागाध्यक्ष प्रो. अजय कुमार सिंह ने भी जानकारी दी।
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