ओम प्रकाश सती, अप्रैल 15 -- देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेस-वे पर बना 12 किमी लंबा ग्रीन कॉरिडोर खुलने से उत्तराखंड की सबसे बड़ी उम्मीद जगी है। गढ़वाल और कुमाऊं को जोड़ने वाले ऐतिहासिक कंडी मार्ग के निर्माण का रास्ता भी इस कॉरिडोर के बाद खुल सकता है। करीब 90 किमी लंबे कंडी मार्ग में भी सबसे बड़ा पेच कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के बीच से गुजरने वाले करीब 40 किलोमीटर लंबे वन्यजीव बहुल इलाके पर है। विशेषज्ञों का मानना है कि अब कंडी मार्ग में भी मोरघट्टी और झिरना के पास ऐसे ही एलिवेटेड रोड से ग्रीन कॉरिडोर बनाकर इस समस्या का समाधान संभव है। दरअसल करीब दो सौ साल से गढ़वाल के कोटद्वार से कुमाऊं के रामनगर के बीच आवाजाही के लिए कंडी मार्ग का इस्तेमाल होता रहा है। यह भी पढ़ें- दून की रक्षक मां डाट काली के दरबार आने वाले दूसरे पीएम मोदी, बंगाल तक संदेश कैसे लेक...
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