नई दिल्ली, दिसम्बर 15 -- पंचायतीराज विभाग द्वारा जिले की ग्राम पंचायतों में कराए गए विकास कार्यों की गहन जांच शुरू किए जाने से ग्राम प्रधानों और पंचायत सचिवों में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग की सख्ती से वर्षों से चली आ रही कथित लापरवाह और अपारदर्शी कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। जिन ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के खर्च का स्पष्ट और संतोषजनक ब्यौरा उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, वहां कार्रवाई की तलवार लटकती नजर आ रही है। यूपी के गोंडा जिले में हाल ही में जिला पंचायतीराज विभाग की ओर से दर्जनों ग्राम पंचायतों के प्रधानों और पंचायत सचिवों को अधिभार नोटिस जारी किए गए हैं। जिले के आधा दर्जन से अधिक ब्लॉकों की ग्राम पंचायतें इस जांच के दायरे में आई हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यदि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब और खर्च का पूरा विवरण ...
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