ग्रामीण संस्कृति के संवाहक थे मुंशी प्रेमचंद
दरभंगा, अगस्त 2 -- राजीव रंजन झा,दरभंगा। लनामिवि के पीजी हिन्दी विभाग एवं प्रेमचन्द जयंती समारोह समिति, दरभंगा के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को प्रेमचन्द जयंती समारोह का आयोजन किया गया। अध्यक्षता विभागाध्यक्ष प्रो. उमेश कुमार ने की। इस अवसर पर 'प्रेमचन्द के कथा साहित्य में ग्रामीण संस्कृति' विषय पर परिचर्चा आयोजित की गई। साथ ही छात्र-छात्राओं के बीच प्रेमचन्द के जीवन और साहित्य पर आधारित क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ नंदकिशोर की सरस्वती वंदना से हुआ। मंच संचालन मंजरी खरे ने किया। अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. कुमार ने कहा कि प्रेमचन्द ग्रामीण संस्कृति के संवाहक रहे हैं। उनके कथा-साहित्य में ग्रामीण संस्कृति से प्रभावित पात्रों की जीवनशैली देखी जा सकती है। यह भी पढ़ें- जयंती पर साहित्यकारों ने मुंशी प्रेमचंद ...
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