प्रतापगढ़ - कुंडा, मार्च 11 -- प्रतापगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। गांवों के विकास के बिना देश का वास्तविक और समग्र विकास संभव नहीं है। भारत की आत्मा आज भी गांवों में बसती है और ग्रामीण विकास ही देश की प्रगति की मूल धुरी है। यह बातें राज्यसभा सांसद अमरपाल मौर्य ने संसद में ग्रामीण विकास पर चर्चा के दौरान कहीं। उन्होंने जनगणना के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि एक समय देश की लगभग 83.7 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती थी, जो 2011 तक घटकर 68.8 प्रतिशत रह गई। सवाल उठाया कि गांवों से शहरों की ओर हुए इस पलायन के पीछे की परिस्थितियों पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है। सांसद ने कहा कि 1951 में खेती से जुड़े लोगों की संख्या 71.29 प्रतिशत थी, जो 2011 तक घटकर 45.1 प्रतिशत रह गई। अंत में उन्होंने कहा कि गरीबी का दर्द वही समझ सकता है जिसने उसे करीब से दे...