नई दिल्ली, अप्रैल 23 -- हमारा देश गांवों का देश है और गांव स्तर पर भारतीय लोकतंत्र को सशक्त बनाने के उद्देश्य से भारत में प्रतिवर्ष 24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस मनाया जाता है। यह दिन इसलिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि साल 1993 में इसी दिन 73वां संविधान संशोधन अधिनियम लागू हुआ था, जिसके माध्यम से पंचायती राज संस्थाओं को सांविधानिक दर्जा प्राप्त हुआ। यद्यपि यह संशोधन भारतीय संसद द्वारा 1992 में पारित किया गया। इसी कारण से यह तिथि भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में महत्वपूर्ण मानी जाती है। कहना गलत नहीं होगा कि इस संशोधन ने ग्रामीण स्वशासन की वास्तविक नींव रखी। इसके बाद राज्य सरकारों के लिए पंचायती राज व्यवस्था को लागू करना सांविधानिक रूप से अनिवार्य हो गया। इसके माध्यम से संविधान में भाग-9 जोड़ा गया, जिसमें पंचायतों से संबंधित प्रावधा...
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