लखनऊ, मार्च 30 -- मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत निजी बसों के अनुबंध पर भले ही परमिट से छूट दी गई हो, लेकिन इस योजना के अंतर्गत लखनऊ समेत प्रदेश के 59,163 ग्राम पंचायत तक बसों को जोड़ना किसी चुनौती से कम नहीं है। इस योजना के तहत निजी बस ऑपरेटर रुचि नहीं ले रहे हैं। सोमवार को चारबाग डिपो में निजी बस ऑपरेटरों की पहली बैठक में सिर्फ एक ऑपरेटर पहुंचा। योजना के तहत 15 से 28 सीट क्षमता वाली डीजल, सीएनजी व इलेक्ट्रिक बसों का अनुबंधत करने से मना कर दिया। वजह यह बताई गई कि ग्रामीण सेवा की बस को जिला मुख्यालय से नहीं जोड़ा गया है। ऐसे में ब्लॉक से तहसील तक बस संचालन करना आसान नहीं हैं। कम दूरी होने की वजह निजी बस ऑपरेटरों के आय पर सीधा असर पड़ेगा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...