गुड़गांव, फरवरी 23 -- गुरुग्राम, कार्यालय संवाददाता। सेक्टर-29 के लेजरवैली मैदान में 26 फरवरी तक चलने वाले सरस आजीविका मेले में महिला उद्यमियों की प्रेरक कहानियां भी सामने आ रही हैं। ग्रामीण महिलाओं का लखपति बनने का सपना भी इस मेला से पूरा हो रहा है। महिलाएं अपने उत्पाद की ब्रिक्री कर हर माह 10 हजार से अधिक की औसत आय प्राप्त कर रही हैं। मेले में उत्तराखंड से आई ममता की कहानी संघर्ष से आत्मनिर्भरता तक की मिसाल है। बाल विवाह और घरेलू हिंसा की पीड़ा झेलने के बाद उन्होंने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर हस्तनिर्मित उत्पाद बनाना सीखा। आज वे मेलों के माध्यम से अपनी पहचान बना रही हैं और अपने बच्चों का पालन-पोषण स्वयं कर रही हैं। बाद में जब वे स्वयं सहायता समूह में शामिल हुईं और एक साल बाद सरस मेलों से जुड़ीं। तो उनके लिए भी चीजें बदलने लगीं। उन्होंन...
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