बांका, अक्टूबर 13 -- बांका, निज संवाददाता। जिले के ग्रामीण इलाकों में आज भी प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। कई गांवों में अब तक प्राथमिक या मध्य विद्यालय की व्यवस्था नहीं हो सकी है, जहां स्कूल हैं, वहां भवन जर्जर हालत में हैं। बरसात के मौसम में बच्चों को मिट्टी और पानी से भरे कमरों में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है। कई जगह तो छत टपकने के कारण बच्चों को खुले आकाश के नीचे या पेड़ की छांव में कक्षाएं लगानी पड़ती हैं। शिक्षा विभाग की उदासीनता और स्थानीय स्तर पर लापरवाही के कारण ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था बदहाली की कगार पर है। जिले के धोरैया, फुल्लीडुमर, शंभूगंज, बौंसी और बाराहाट जैसे प्रखंडों में अनेक विद्यालय भवन वर्षों से मरम्मत की प्रतीक्षा में हैं। वहीं कई विद्यालयों में शिक्षक की भारी कमी है, जिसके कारण कक्षाएं नियम...
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