गिरडीह, मार्च 6 -- रेम्बा, प्रतिनिधि। ग्लोबलाइजेशन का असर व्यापार, राजनीति, अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर जिस तरह पड़ा है ठीक उसी तरह नशे के प्रचलन पर भी इसका असर साफ देखा जा रहा है। बड़े-बड़े अधिकारियों के रहने से शहरों में तो कुछ हद तक बार आदि के संचालन पर नियम तय है लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति बहुत ही भयावह होती जा रही है। खासकर कोरोना काल में प्रवासियों ने रोजगार के अवसर गांव में तलाशने लगे। कई लोग फेरी तथा अन्य कार्य में जुट गए तो बड़ी संख्या में कुछ लोग दारू मुर्गा दुकान के संचालन में भी जुट गए। ग्रामीण क्षेत्रों में तो प्रत्येक सौ दो सौ मीटर पर ऐसी दुकान खुलेआम संचालित हैं। उन्हें न तो प्रशासन का डर है और न ही सामाजिक प्रतिबंधों का। जमुआ प्रखंड के किसी भी गांव में आप चले जाएं तो ऐसी दुकान स्वतः दिख जाएगी। शराब के साथ साथ गांजा का...