लखनऊ, अगस्त 9 -- लखनऊ, प्रमुख संवादाता यह भी पढ़ें- तदर्थ सेवा जोड़कर दें पेंशन/ग्रेच्युटी का लाभ ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के राजकीय माध्यमिक स्कूलों में प्रधानाचार्य, शिक्षकों की तैनाती में भेदभाव का आरोप लगाया गया है। राजकीय शिक्षक संघ, उप्र ने आरोप लगाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में कई विद्यालय प्रधानाचार्य विहीन हैं और शिक्षक भी कम हैं। शहरी क्षेत्रों में कम छात्र होने पर भी क्षमता से ज्यादा शिक्षक तैनात हैं। यह भी पढ़ें- शिक्षकों की वरिष्ठता सूची पर मांगा स्पष्टीकरणराजकीय शिक्षक संघ के आरोप राजकीय शिक्षक संघ, उत्तर प्रदेश के प्रांतीय संरक्षक रामेश्वर पांडेय ने कहा कि राजकीय इंटर कॉलेज बार, ललितपुर में 850 विद्यार्थी हैं। यहां न तो प्रधानाचार्य हैं और न ही एक भी प्रवक्ता है। केवल दो सहायक अध्यापकों से विद्यालय चल रहा है। वहीं राजकीय इंटर ...