पटना, मार्च 7 -- तीन साल बाद भी राज्य के 26 पैक्सों में ही जनऔषधि केन्द्र खोले जा सके हैं। अन्य पैक्सों को फार्मासिस्ट और ड्रग लाइसेंस मिलने का इंतजार है। ऐसे में ग्रामीण इलाकों में सस्ती दवाई देने की योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। जनऔषधि केन्द्र में 2125 सस्ती जेनरिक दवाएं और 314 उपकरण बिकते हैं। यही कारण है कि गांव के लोगों को सस्ती दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए राज्य के सभी पैक्सों में जनऔषधि केन्द्र खोला जाना है। वर्ष 2023 में इस योजना की शुरुआत की गई थी। पहले चरण में 190 पैक्सों के लिए योजना बनी। बाद में सभी पैक्सों को इसके लिए आवेदन करने को कहा गया।बावजूद अब तक सिर्फ 26 जनऔषधि केन्द्र का संचालन शुरू हो सका है। जनऔषधि केन्द्र के लिए 428 पैक्सों ने आवेदन किया था। इसमें से 329 पैक्सों को ड्रग लाइसेंस के लिए आवेदन की अनुमति दी गई थी। प्र...