पूर्णिया, दिसम्बर 4 -- मीरगंज, एक संवाददाता। सरकार के तमाम प्रयासों के बावजूद ग्रामीण इलाकों में खेल प्रतिभा के विकास की सार्थक पहल नहीं हो सकी है। यही वजह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में उचित प्रोत्साहन के अभाव में प्रतिभावन खिलाड़ियों की प्रतिभाएं कुंठित हो रही है। मीरगंज सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में न तो छात्र छात्राओं को खेल की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध करायी गयी है न ही उनकी प्रतिभा उभारने के लिए कोई रचनात्मक कदम उठाया गया है। फलत: ग्रामीण खेलों की दशा दिन प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। जबकि खेलों को एक अच्छा मनोरंजन का साधन माना गया है। इससे मानसिक एवं शारीरिक दोनों विकास होता है। लोगों का मानना है कि शतरंज,कबडडी एवं कुश्ती का खेल हमारे भारतवर्ष की देन है। ग्रामीण इलाकों में क्षेत्रीय खेल की प्राथमिकता दी जाती है। मीरगंज क्षेत्र में प्रति...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.