चाईबासा, जून 13 -- चाईबासा। जिला विधिक सेवा प्राधिकार पश्चिमी सिंहभूम चाईबासा के तत्वाधान में पीएलवी स्वाति मुखर्जी एवं नीतू सार के द्वारा बाल मजदूर निषेध दिवस के अवसर पर गांव के ग्रामीणों को बाल मजदूरी के दुष्परिणामों के बारे में बताया गया। उन्हें यह बताया गया कि बाल श्रम, बच्चों के लिए बहुत ही नुकसानदेह होता है। इससे बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास रुक जाता है, वे शिक्षा से वंचित हो जाते हैं, और उनके मौलिक अधिकार भी सीमित हो जाते हैं। बाल श्रम के कारण, बच्चे अक्सर शारीरिक और मानसिक रूप से शोषण का शिकार होते हैं, और उनके भविष्य को भी अंधकारमय बना देता है।
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