रांची, अप्रैल 12 -- मुरहू, प्रतिनिधि। मुरहू में झारखंड उलगुलान संघ के संयोजक अलेस्टेयर बोदरा ने प्रेस बयान जारी कर कहा कि खूंट, खेवट और विलेज नोट आधारित व्यवस्था से अलग किसी भी नई व्यवस्था को पारंपरिक ग्राम सभा पर थोपना आदिवासी अस्तित्व और पहचान के लिए खतरा होगा। उन्होंने कहा कि मुंडारी खूंटकट्टी, भुईंहरी परंपरा और जल-जंगल-जमीन पर अधिकार आदिवासी समाज की मजबूत नींव है, इसमें छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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