वाराणसी, मार्च 15 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। प्राकृतिक खेती के जनक सुभाष पालेकर ने कहा कि गौ आधारित अर्थव्यवस्था समय की जरूरत है। गौ-आधारित कृषि जैविक खेती को बढ़ावा देती है, जिससे पर्यावरण को लाभ होता है। हानिकारक रासायनिक खादों पर निर्भरता कम होती है। रविवार को बीएचयू के शताब्दि कृषि सभागार में अंतरराष्ट्रीय गौ महोत्सव-धनधेनु वैश्विक सम्मेलन 2026 के शुभारंभ पर उन्होंने यह बात कही। बतौर मुख्य वक्ता सुभाष पालेकर ने कहा कि तीन दिनी आयोजन का उद्देश्य गौ आधारित अर्थव्यवस्था, प्राकृतिक कृषि, पंचगव्य चिकित्सा, ग्रामीण उद्यमिता और भारतीय ज्ञान परंपरा को बढ़ावा देना है। संयोजक सीए धनंजय ओझा ने कहा कि गौ आधारित खेती से कृषि लागत कम होती है और पशुधन का संरक्षण होता है। गौ आधारित अर्थव्यवस्था ग्रामीण अर्थव्यवस्था को समर्थन देती है और रोजगार के अ...