नई दिल्ली, मार्च 3 -- सोशल मीडिया पर कुछ कहानियां ऐसी होती हैं जो बिना शब्दों के भी दिल तक पहुंच जाती हैं। बेबी मंकी पंच और अकेले पेंगुइन की वायरल तस्वीरें भी ऐसी ही हैं। इन दोनों की राह अलग है, दर्द अलग है, लेकिन जीवन का संदेश बेहद गहरा और जरूरी है। आध्यात्मिक वक्ता गौर गोपाल दास की सीख के अनुसार, जीवन में सबसे बड़ी समझ यह जानना है कि कब हमें सहारे की जरूरत है और कब हमें अकेले खड़े होना चाहिए। View this post on Instagram A post shared by Gaur Gopal das (@gaurgopaldas)
वायरल बेबी मंकी की कहानी पंच, एक नन्हा बंदर, जिसे उसकी मां ने बचपन में ही छोड़ दिया। मां के जाने के बाद पंच एक सॉफ्ट टॉय से चिपककर बैठा दिखा। वह खिलौना सिर्फ खिलौना नहीं था, बल्कि उस मासूम के लिए सुरक्षा, अपनापन और भावनात्मक सहारा था। पंच की कहानी हमें यह सिखाती है कि जब ज...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.