नई दिल्ली, दिसम्बर 12 -- गौर गोपाल दास- एक आध्यात्मिक शिक्षक, मोटिवेशनल कोच और मॉन्क- बरसों से लोगों को बताने का प्रयास कर रहे हैं कि आध्यात्मिकता कोई जटिल साधना या कठिन तपस्या नहीं है। यह उन छोटे-छोटे क्षणों में छिपी होती है जिन्हें हम अक्सर अनदेखा कर देते हैं। कृतज्ञता का एक पल, मन की एक शांत सांस या भगवान से की गई एक छोटी-सी प्रार्थना। उनके अनुसार, जब हम अपने दिन में आध्यात्म जोड़ते हैं तो हमारा मन शांत होता है, विचार साफ होते हैं और जीवन में गहरी स्थिरता अनुभव होती है। यहां उनके अनुसार पांच आसान तरीके बताए जा रहे हैं, जिन्हें कोई भी व्यक्ति बिना किसी कठिनाई के अपना सकता है।रोजाना आध्यात्म के लिए समय निकालें: गौर गोपाल दास हमेशा कहते हैं कि आध्यात्मिकता तभी जीवन में आती है जब हम उसे प्राथमिकता देते हैं। दिन के 10-15 मिनट भी पर्याप्त है...
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