महोबा, मार्च 20 -- महोबा, संवाददाता। मोबाइल टावरों की बढ़ती संख्या से गौरैया की संख्या कम हुई है। पर्यावरण जानकारों का कहना है कि इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन गौरैया सहित अन्य पक्षियों के लिए खासे खतरनाक है। मगर गौरैया से प्रेम रखने वाले युवाओं सहित पर्यावरण प्रेमियों के द्वारा किए जा रहे प्रयास से गौरैया की चहचहाहट आंगन में गूंज रही है।भागदौड़ भरी जिंदगी में हम पुरानी परंपराओं से दूर होते जा रहे है। पहले हर आंगन मे गौरैया दिखती थी। मगरअब गौरैया की संख्या में गिरावट आ रही है। जानकारों की मानें तो गौरैया के संरक्षण के लिए लोगों को जागरुक होना पड़ेगा। शहर के न्यू सिटी निवासी उमेश सक्सेना की पत्नी मंजुला सक्सेना कबरई विकास खंड के सिलालपुरा गांव में परिषदीय विद्यालय में शिक्षिका है। वह स्कूल जाने के पहले घर में गौरैया के लिए घोंसला में दाना पान...
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