प्रयागराज, मार्च 20 -- प्रयागराज, ईश्वर शरण शुक्ल। शुक्रवार को विश्व गौरैया दिवस मनाया जाएगा। इस वर्ष की थीम है छोटे पक्षियों को बचाना, अपने भविष्य को बचाना। प्रकृति की नन्हीं दूत मानी जाने वाली गौरैया लोगों के इर्द-गिर्द ही रहना पसंद करती है। लेकिन पेड़ों की अंधाधुंध कटाई, बढ़ता प्रदूषण, रेडियशन व रासायनिक उर्वरकों के बढ़ते उपयेाग से गौरैया के अस्तित्व पर भी खतरा मंडराने लगा है। गौरैया की लुप्त होती प्रजाति बेहद चिंता का विषय भी है। हालांकि गौरेया को बचाने और उन्हें संरक्षित करने की दिशा में शहर के कई पशु-पक्षी प्रेमी समर्पित हैं। उनके प्रयास से शहर में गौरैयों का कलरव बरकरार है।डॉ. आजम के उद्यान में 2000 गौरेया का बसेरादाराशाह गुलाम अली रानीमंडी के रहने वाले पक्षी प्रेमी दंत चिकित्सक डॉ. मोहम्मद आजम का बगीचा गौरैया के कलरव से गुलजार रहत...
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