औरंगाबाद, दिसम्बर 1 -- गोह प्रखंड मुख्यालय का ऐतिहासिक गोह पोखरा बदहाली के कगार पर पहुंच गया है। पोखरे में कूड़ा-कचरे का अंबार लगा है और चारों ओर उगी झाड़ियां इसके स्वरूप को बिगाड़ रही हैं। प्रशासनिक उदासीनता के कारण लंबे समय से इसकी सफाई नहीं हो सकी है। स्थानीय लोगों और व्यवसायियों द्वारा घरों और दुकानों का कचरा सीधे पोखरे में फेंका जा रहा है। इससे पानी पूरी तरह दूषित हो गया है। खराब पानी के कारण मत्स्य विभाग के लिए मछली पालन भी असंभव हो गया है। धार्मिक अनुष्ठानों में भी इस पानी का उपयोग नहीं किया जा पा रहा है। आस-पास स्थित दुर्गा, हनुमान, शिव और सूर्य मंदिरों में पूजा करने आने वाले श्रद्धालु मजबूरी में चापाकल का पानी इस्तेमाल कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मुख्यालय का यह एकमात्र बड़ा पोखरा कभी जीवनदायिनी जलस्रोत माना जाता था, ल...
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