चेन्नई, जुलाई 1 -- तमिलनाडु की विजय सरकार ने राज्य में गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने वाले मद्रास हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। राज्य सरकार ने अपनी याचिका में तर्क दिया है कि हाईकोर्ट ने गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध का निर्देश देकर कानूनी ढांचे के दायरे से बाहर जाकर काम किया है। सरकार के मुताबिक, यह आदेश 'तमिलनाडु पशु संरक्षण अधिनियम, 1958' के तहत तय किए गए प्रावधानों के दायरे से बाहर है। इस अधिनियम की धारा 4 के तहत गाय के वध की अनुमति केवल तभी दी जा सकती है जब वह 10 वर्ष से अधिक आयु की हो, काम या प्रजनन के लिए अनुपयुक्त हो और सक्षम प्राधिकारी द्वारा ऐसा प्रमाणित किया गया हो। राज्य सरकार ने दावा किया है कि हाईकोर्ट के इन निर्देशों के कारण यह फैसला अपने-आप में विरोधाभासी हो गया है।मद्रास हाईकोर्ट ने क्या दिया था आदेश? म...